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लहसुन, हैरान कर देंगे फायदे

  लहसुन हमारे इस धरती पर सबसे स्वास्थ्यप्रद भोजनो में से एक है। इतना ही नहीं ये ढेरों सारे पोषक तत्वों से भरपूर होता है यही कारण है कि ये हमें बहुत सारे स्वास्थ्य लाभ देता है। इसीलिए अगर आप लहसून का सेवन हर रोज करते हैं। तक‌िये के पास लहसून रखने से मिलते हैं विशेष फायदे। नींद लाने में मदद करता है लहसुन यदि आपको अच्छी नींद नहीं आती है तो घबराए नहीं लहसुन है ना। अगर आपको भी अच्छी नींद लेनी है तो लहसुन को तकिये में रखें। तकिये में लहसुन रखने से बताया जाता है की बुरी शक्तियाँ पास भी नहीं आती है। लीवर को स्‍वस्‍थ रखने में मदद करता है लहसुन शायद ये बात आपको पता न हो लेकिन बता दें कि लहसुन लीवर को कमजोर नहीं होने देता है और ये सर्दी में जुकाम और फ्लू से भी बचाता है। आयुर्वेद में लहसुन को एक प्राकृतिक दवा के रूप में माना गया है जो हर तरह के रोग से लड़ने की क्षमता रखता है। लहसुन को मसल कर खाने से उर्जा प्राप्‍त होती बता दें कि अगर आप लहसुन का प्रयोग एकदम सीधा सीधा खाते हैं तो हमें रोग से लड़ने की ताकत तो देगा पर यही लहसुन को हम अगर मसल कर खायेंगे तो हमें एक अलग शक्ति देगा। लहसुन में रोगों स...

पौष्टिक तत्वों से भरपूर मूली

 पौष्टिक तत्वों से भरपूर मूली (Radish) किडनी (Kidney) को स्वस्थ रखने में मदद करती है.  यह हमारे शरीर से विषैले पदार्थों को निकालने में भी मदद करती है और इसलिए इसे नैचुरल क्लींजर भी कहा जाता है. सर्दियों में मूली (Radish) हर किसी की किचन का अहम हिस्सा होती है. किसी को मूली के पराठे पसंद होते हैं, तो कोई मूली की सब्जी खाना पसंद करता है. कुछ लोग तो सलाद (Salad) में कच्ची मूली खा लेते हैं. बहुत सारे लोगों को मूली का अचार भी बेहद पसंद होता है. वहीं ऐसे लोग भी हैं जो खाना तो दूर इसे देखना तक पसंद नहीं करते. अगर आप भी उन्हीं लोगों में से हैं तो इससे होने वाले फायदे जान लें. एक बार इसे खाने के फायदे जान लेंगे तो आप खुद को इसे अपनी डाइट में जरूर शामिल करेंगे. किडनी को रखे स्वस्थ पौष्टिक तत्वों से भरपूर मूली हमारी किडनी को स्वस्थ रखने में मदद करती है. यह हमारे शरीर से विषैले पदार्थों को निकालने में भी मदद करती है और इसलिए इसे नेचुरल क्लींजर भी कहा जाता है. यह हमारी आंतों को स्वस्थ रखने में मदद करती है. इसमें अच्छी मात्रा में फाइबर पाया जाता जो कब्ज के मरीजों के लिए रामबाण है. ये भी पढ़े...

तम्बाकू खाने की लत से छुटकारा

 अगर किसी को तंबाकू की लत एक बार लग जाती है, तो वो व्यक्ति उसे आसानी से छोड़ नहीं पाता है। तंबाकू में पाया जाने वाला निकोटिन सेहत को बहुत नुकसान पहुंचाता है। तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है, इस बात से हर कोई वाकिफ है। इसके नुकसान जानने के बावजूद भी पूरी दुनिया में तंबाकू, गुटखा, खैनी और सिगरेट पीने वालों की तादाद लगातार बढ़ रही है। अगर किसी को तंबाकू की लत एक बार लग जाती है, तो वो व्यक्ति उसे आसानी से छोड़ नहीं पाता है। तंबाकू में पाया जाने वाला निकोटिन सेहत को बहुत नुकसान पहुंचाता है। इसके सेवन से कैंसर, डिप्रेशन, नपुंसकता जैसी खतरनाक बीमारियां होने की संभावना होती है, लेकिन फिर भी लोग इसे छोड़ते नहीं हैं। अगर आप इन बीमारियों से बचना चाहते हैं, तो आज से ही इस खराब लत को छोड़ दें। इससे सेहत को कई फायदे भी होंगे। तंबाकू के सेवन से दिमाग और नर्वस सिस्टम कमजोर हो जाता है। इससे इंसान के दिमाग से लेकर सेक्स लाइफ पर असर पड़ता है। अगर आप चाहते हैं कि आपको इस लत से छुटकारा मिले, तो नीचे दिए गए घरेलू नुस्खों को जरूर फॉलो करें। तंबाकू की लत छुड़ाने के  6  आयुर्वेदि...

स्पर्म की मात्रा बढ़ाने के लिए

        बदलते लाइफस्टाइल की वजह से पुरूषों में स्पर्म की समस्या आम देखने को मिलती है। जिस व्यक्ति में शुक्राणुओं की कमी होती है उन्हें रात को सोने से पहले अनार का जूस पीना चाहिए। इसमें एंटीऑक्सीडैंट होते हैं जो स्पर्म की संख्या बढ़ाने में मदद करता है। बिना शक्कर मिलाए इस जूस का सेवन करना लाभकारी होता है। बदाम वाले दूध में एंटीऑक्सीडैंट होते हैं जो फर्टिलिटी बनाए रखने में मदद करता है। हर रोज रात को सोने से पहले बादाम का दूध पीने से काफी लाभ होता है। बनाना शेक में मौजूद विटामिन-बी 6 पुरूषोें में शुक्राणुओं की संख्या को बढ़ाता है। बनाना शेक में ड्राई-फ्रूट डालकर पीना बेहद अच्छा रहता है। पालक के जूस में फोलिक एसिड पाया जाता है जो शुक्राणुओं की कमी को पूरा करता है। इसमें टमाटर का जूस मिक्स करके पीने से और लाभ होता है। खजूर में फ्लेवोनॉइड्स पाया जाता है जो पुरूषों के लिए काफी अच्छा होता है। खजूर को दूध में डालकर पीने से शुक्राणु बढ़ते हैं। जिन पुरुषों में स्पर्म की कमी होती है उन्हें रात को सोने से पहले ये दूध जरूर पीना चाहिए।

Diabetes की बीमारी, आयुर्वेद में है इलाज

    Diabetes की बीमारी, आयुर्वेद में है इलाज आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लाइफस्टाइल और खानपान में आए बदलावों के चलते कम उम्र के लोग भी Diabetes के मरीज बनने लगे हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत में Diabetes की बीमारी इतनी तेजी से बढ़ रही है कि भारत दुनिया का Diabetes कैपिटल बनता जा रहा है। कई बार लोगों को पता भी नहीं चलता और वह Diabetes के मरीज बन जाते हैं क्योंकि वे शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं। आयुर्वेद में Diabetes का इलाज है। इस बारे में विस्तार से बता रहे हैं आयुर्वेद एक्सपर्ट प्रदीप दुआ… Diabetes के लक्षण – बार-बार पेशाब आना, खासकर रात के वक्त- पेशाब करने के बाद पेशाब में चीटियां जमा हो जाना- बहुत ज्यादा प्यास लगना और मुंह में चिपचिपापन रहना- पसीने में बदबू ज्यादा होना- फोड़े-फुंसियां ज्यादा होना- घाव का जल्दी न भरना Diabetes होने की वजहें आयुर्वेद के अनुसार वैसे लोग जो मुंह के सुख के लिए खाना खाते हैं यानी उल्टी-सीधी चीजों का सेवन करते हैं, आलस से भरी जिंदगी जीते हैं, नया अनाज ज्यादा खाते हैं, दही का ज्यादा सेवन करते हैं और मीठी चीजें ज्यादा ख...

रोज बादाम खाने के क्या हैं फायदे

रोज बादाम खाने के क्या हैं फायदे रोज थोड़ा बादाम खाने से बच्चे और बड़े सभी का स्वास्थ्य बेहतर होता है। एक रिसर्चर एलिसा बर्न्सक ने कहा, बादाम पौधों से मिलने वाले प्रोटीन, फैटी एसिड, विटामिन ई और मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत है। 14 हफ्ते तक की गई इस स्टडी में शोधार्थियों ने 29 दंपतियों और बच्चों को बादाम खिलाया। बच्चों को रोज 14 ग्राम बादाम का मक्खन खाने के लिए प्रोत्साहित किया गया और बड़ों को भी रोज 14 ग्राम बादाम खाने के लिए दिया गया। इसके साथ ही उनके पूरे खान-पान का भी ब्योरा रखा गया, ताकि यह जाना जा सके कि उनका खाना कितना ठीक है। शोधार्थियों ने पाया कि बादाम खाने वाले वयस्कों और बच्चों का प्रदर्शन स्वास्थ्य खान-पान सूचकांक (एचईआई) ऊपर की ओर रहा सूचकांक में ऊपर की ओर रहने का मतलब है कि उनका पूरा खाना पोषण के लिहाज से बेहतर था। बादाम खाने वाले लोगों का सूचकांक 53.7 से बढ़कर 61.4 दर्ज किया गया। बर्न्सक ने इसका कारण यह बताया कि इन लोगों ने बादाम के जरिए ज्यादा विटामिन ई और मैग्नीशियम खाया। यह अध्ययन शोध पत्रिका न्यूट्रीशन रिसर्च में प्रकाशित हुआ है

कमर दर्द, खांसी, सर्दी-जुकाम से छुटकारा पाने के लिए खाए

कमर दर्द, खांसी, सर्दी-जुकाम से छुटकारा पाने के लिए खाए मेथीदाना को हम दाल , कढ़ी , सब्जी आदि के तड़के मे स्वाद और महक बढ़ाने के लिए काम में लेते है। लेकिन हम यह नही जानते की मेथीदाना सिर्फ स्वाद और महक ही नहीं बढ़ाता, बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य स्वास्थ्य के लिए भी बहुत सेहतमंद है।आइए जानते है इसके  फायदे :- नींद कम आना : मेथीदाना का एक इंच मोटा तकिया बनाकर, सिर के नीचे लगाकर सोएं। इससे गहरी नींद आएगी। सर्दी-जुकाम:  मेथी के पत्तों की सब्जी सुबह-शाम खाने और इसके बीज 1 चम्मच गर्म दूध के साथ सुबह-शाम खाने से सर्दी-जुकाम की परेशानी में आराम मिलता है। कमर दर्द : मेथी दाने के लड्डू बनाकर 3 हफ्ते तक सुबह-शाम सेवन करने और मेथी के तेल को दर्द वाले हिस्से पर मलते रहने से कमर दर्द में आराम मिलता है। शरीर की जलन : मेथी के पत्तों को अच्छी तरह पीसकर पानी में घोलकर पी जाएं और शरीर पर लेप लगाएं। इससे शारीरिक जलन में राहत मिलती है। खांसी:  1 चम्मच मेथी के दानों को 1 कप पानी में उबालें। पानी जब आधा रह जाए तो उसे छानकर पीने से खांसी मे लाभ होता है। डायबिटीज पर नियन्त्रण  : मे...

सरसों तेल में मिलाकर लगाएं यह एक चीज, कभी नहीं सताएगा जोड़ दर्द

भारतीय रसोई में सरसों तेल का इस्तेमाल भोजन पकाने के लिए किया जाता है। मगर, सरसों का तेल कई हेल्थ प्रॉब्लम्स के लिए रामबाण औषधी की तरह काम करता है, खासकर जोड़ दर्द में। सर्दियों शुरू होते ही लोगों को गठिया, घुटने व जोड़ों में दर्द सताने लगता है। ऐसे में आप सरसों के तेल में कपूर मिलाकर मसाज करें। इससे जोड़ों का दर्द कभी नहीं सताएगा और साथ ही आपकी कई समस्याएं भी दूर रहेंगी। क्यों फायदेमंद है कपूर और सरसों तेल का मिश्रण? एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल, एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुणों से भरपूर सरसों का तेल सेहत बहुत फायदेमंद है। वहीं, कपूर में भी एंटी-इन्फ्लेमेटरी व एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो हर्बल प्रोडक्ट्स की तरह काम करते हैं। सरसों तेल और कपूर लगाने का तरीका सरसों तेल को हल्का गर्म करें। इसमें कपूर को अच्छी तरह पीसकर मिलाएं। जब कपूर घुल जाए तो इसे प्रभावित स्थान पर लगाएं। ध्यान रखें कि यह मिश्रण अगर मुंह में चला जाए तो नुकसान भी हो सकता है इसलिए सावधानी से यूज करें। साथ ही इसे बच्चों की पहुंच से दूर रखें। चलिए अब आपको बताते हैं सरसों तेल -कपूर इस्तेमाल करने का तरीका...